Aug. 24, 2023

लैंसेट का भारत अनुसंधान

लैंसेट का भारत अनुसंधान

चर्चा में क्यों ?

  • राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम और नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च इन ट्यूबरकुलोसिस, चेन्नई के सहयोग से भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) द्वारा किए गए अध्ययन के निष्कर्ष द लैंसेट और द लैंसेट ग्लोबल हेल्थ जर्नल्स में प्रकाशित किए गए हैं।

रिपोर्ट के प्रमुख बिंदु 

  • रिपोर्ट के अनुसार टीबी के कम वजन वाले रोगियों में शुरुआती वजन बढ़ने से मृत्यु दर का जोखिम 60% तक कम हो सकता है, क्योंकि इससे उपचार की उच्च सफलता सुनिश्चित होती है।
  • पोषण संबंधी स्थिति में सुधार द्वारा तपेदिक की सक्रियता को कम करना (RATIONS) , बेहतर पोषण से टीबी के सभी रूपों की घटनाओं को 40% तक कम किया जा सकता है।
  • इसे एक उदाहरण से समझ सकते है, झारखंड के एक 18 वर्षीय आदिवासी किशोरी को तपेदिक का पता चला, तो उसका वजन केवल 26 किलोग्राम था। उनका परिवार बमुश्किल एक वक्त का भोजन जुटा पाता था, जिससे उनकी हालत खराब हो गई। लेकिन जब उन्हें पौष्टिक भोजन के पैकेट दिए गए, तो छह महीने में उनका वजन 16 किलो बढ़ गया और सुधार दिखने लगा।
  • किशोरी दो अध्ययनों का हिस्सा थी कि कैसे पोषण संबंधी सहायता टीबी रोगियों में मृत्यु दर के जोखिम को कम करती है।
  • इसमें यह भी पाया गया कि टीबी के कम वजन वाले रोगियों में शुरुआती वजन बढ़ने से मृत्यु दर का जोखिम 60% तक कम हो सकता है, क्योंकि इससे उपचार की उच्च सफलता सुनिश्चित होती है।
  • एक प्रतिशत वजन बढ़ने पर मृत्यु का जोखिम 13% तक और 5% वजन बढ़ने पर 61% तक कम हो जाता है।
  • झारखंड को परीक्षण स्थल के रूप में इसलिये चुना गया था क्योंकि यहां टीबी का बोझ अधिक है (2021 में 52,179 मामले अधिसूचित) और नीति आयोग के अनुसार बहुआयामी गरीबी का दूसरा उच्चतम स्तर है। ऐसे में सरकार द्वारा TB बोझ को कम करने के लिए मल्टीविटामिन, अनाज और दाले प्रदान की जा रही है। 

केंद्र सरकार के प्रयास 

  • केंद्र 2025 तक टीबी उन्मूलन करने के प्रयास कर रहा है। 
  • भारत में टीबी उन्मूलन के लिए राष्ट्रीय रणनीतिक योजना 2017-2025
  • राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत, टीबी रोगियों को उनके उपचार की अवधि के लिए प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से 500 रुपये की मासिक पोषण सहायता दी जाती है।
  • नि-क्षय मित्र कार्यक्रम के तहत, स्वयंसेवक अपने “गोद लिए गए” रोगियों को मासिक पोषण किट प्रदान कर सकते हैं।
  • ज्ञात हो कि WHO ग्लोबल ट्यूबरकुलोसिस रिपोर्ट, 2022 के अनुसार, भारत में 2021 में 30 लाख नए TB के मामले और 4,94,000 मौतें दर्ज की गईं, जो वैश्विक TB की घटनाओं का 27% और मौतों का 35% है।

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